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हरमनप्रीत चुनी गईं महिला वर्ल्ड टी-20 इलेवन की कप्तान

भारत की टी-20 कप्तान और स्टार बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर को ICC महिला वर्ल्ड टी-20 इलेवन की कप्तान चुना गया, जिसमें सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और लेग स्पिनर पूनम यादव भी शामिल हैं.

रविवार को समाप्त हुए टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर टीम का चयन किया गया. ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टी-20 खिताब जीता.

अंतिम एकादश में इंग्लैंड की तीन, ऑस्ट्रेलिया की दो तथा पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज की भी एक एक खिलाड़ी शामिल हैं. टीम में हरमनप्रीत के अलावा पाकिस्तान की कप्तान जवेरिया खान, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं ऑस्ट्रेलिया की एलीसा हेली, भारत की स्मृति मंधाना और इंग्लैंड की एमी जोंस को बतौर बल्लेबाज ICC ने अपनी टीम में जगह दी है.

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इसके अलावा हरफनमौला खिलाड़ियों के रूप में वेस्टइंडीज की डीएंड्रा डॉटिन और ऑस्ट्रेलिया की एलीसे पैरी, तेज गेंदबाज के रूप में इंग्लैंड की आन्या श्रबसोले, न्यूजीलैंड की ऑफ स्पिनर लैग कास्पेरेक, भारत की लेग स्पिनर पूनम यादव और इंग्लैंड की लेग स्पिनर क्रिस्टि गॉर्डन को चुना गया है. बांग्लादेश की जहांआरा आलम को 12वें खिलाड़ी के रूप में चुना गया है.

टीम इस प्रकार है:

एलिसा हीली (ऑस्ट्रेलिया), स्मृति मंधाना (भारत), एमी जोंस (इंग्लैंड, विकेटकीपर), हरमनप्रीत कौर (भारत, कप्तान), डीएंड्रा डॉटिन (वेस्टइंडीज), जोविरया खान (पाकिस्तान), एलिसे पेरी (ऑस्ट्रेलिया), लेग कास्पेरेक (न्यूजीलैंड), आन्या श्रबसोले (इंग्लैंड), क्रिस्टी गोर्डन (इंग्लैंड), पूनम यादव (भारत), 12वीं खिलाड़ी : जहांआरा आलम (बांग्लादेश).

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट जस्टिस मदन लोकुर ने 26/11 आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. उन्होंने कहा कि हमें ऐसे हमलों के बाद और ज्यादा, सतर्क, सजग और सावधान रहने की ज़रूरत है. जस्टिस मदन लोकुर ने कहा कि हमारा संविधान मज़बूत और स्वतंत्र है. विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, सीवीसी, मीडिया सहित सभी संवैधानिक संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल और बेहतर सौहार्द है.

बता दें कि देश में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है. इस दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है. उन्होंने भारतीय संविधान के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार किया.

कहते हैं कि यह दुनिया के सभी संविधानों को बारीकी से परखने के बाद बनाया गया. इसे विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं. यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं. इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का समय लग गया था.

इससे पहले संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिनर पर आमंत्रित किया. बिमस्टेक (बे ऑफ बंगाल इनेशिएटिव फार मल्टी सेक्टोरल टेक्नीकल एंड इक्नॉमिक) में शामिल होने आए बांग्लादेश, म्यांमार, थाइलैंड, नेपाल और भूटान के मुख्य न्यायाधीश और जज भी इस डिनर प्रोग्राम में शामिल हुए थे.

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