तकनीक की तरक़्क़ी की वजह से अब ऐसी अक़्लमंद मशीनें बन रही हैं जो हमारे आस-पास की चीज़ों को न सिर्फ़ पहचान लेती हैं, बल्कि उनकी तस्वीरें भी बनाने में सक्षम हैं. जिस तरह कोई आम इंसान चित्र बनाता है उसी तरह ये बुद्धिमान मशीनें भी उन चीज़ों की तस्वीरों में उतार लेती हैं जिन्हें उन्होंने देखा होता है. हालांकि एक फ़र्क़ ज़रूर होता है. कलाकार जहां ब्रश से अपनी कृतियां गढ़ते हैं, वहीं ये अक़्लमंद मशीनें यानी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस वाली मशीनें पिक्सेल दर पिक्सेल कोई तस्वीर गढ़ते हैं. ऊपरी तौर पर मशीनों की बनाई ये तस्वीरें तो ठीक दिखती हैं. पर, क़रीब से देखें तो इनमें गड़बड़ियां साफ़ नज़र आती हैं. कैसे चीज़ें पहचानती हैं मशीनें? हमें ये कैसे पता होता है कि मकड़ी के आठ पैर होते हैं या फिर आगे बढ़ने के लिए कार के सभी टायर एक ही दिशा में होने चाहिए? इसका जवाब ये है कि हम इन सवालों के जवाब अपने आस-पास की चीज़ों को देखकर जानते हैं. हमारे दिमाग़ के न्यूरॉन दुनिया की बनावट से हमारा परिचय करवाते हैं और ये जानकारियां आंखों के ज़रिए हमारे दिमाग़ तक पहुंचती हैं. इसी तरह बुद्धिमान मशीन...